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indore (इन्दौर)

जनसंख्या की नजर से इन्दौर शहर मध्यप्रदेश राज्य का सबसे बडा शहर होने के साथ साथ प्रदेश की आर्थिक राजधानी भी है | यह मिनी बोम्बे के नाम से भी देशभर मे मशहूर है | मालवा के पठार मे स्थित इन्दौर क्रषि और शिक्षण के क्षेत्र मे काफी सम्रद्ध है | इन्दौर जिसका प्राचीन नाम इंद्रपुर था, यहाँ 17वी सदी से मराठा साम्राज्य का अधिपत्य रहा, जिनके शासको मे बाजीराव पेशवा, मल्हारराव होल्कर, यशवन्तराव होल्कर और अहिल्याबाई का नाम प्रमुख है | स्वतंत्र भारत मे इन्दौर मध्यभारत की संयुक्त राजधानी भी रही |
   इन्दौर मे प्रदेश की सबसे बडी व्यापारिक मंडिया है | इन्दौर जिले मे सोयाबीन, मूँगफली, गेंहू आदि फसलो की अधिकता से उपज होती है | यहाँ आईटी पार्क स्थापित किया गया है जहाँ कई अंतर्राष्ट्रीय कंपनी जैसे इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी ने अपने विकास केंद्र स्थापित किये है | मध्यप्रदेश का स्टोक एक्सचेंज भी यही है, मालवा मध्यप्रदेश का सबसे बडा औधोगिक क्षेत्र है, इन्दौर के निकट पीथमपुर मे अनेको अंतर्राष्ट्रीय स्तर के छोटे बडे कारखाने स्थापित है |
Institute-:
इन्दौर मे कई बडे राष्ट्रीय स्तर के शैक्षनिक संस्थान है, जिनमे-
भारतीय प्रबन्धन संस्थान, भारतीय प्रौधोगिकी संस्थान, देवी अहिल्याबाई यूनिवर्सिटी, डैली काँलेज, होल्कर साइन्स काँलेज, एसजीएस इंस्टीट्यूट टेक्नोलोजी एंड साइंस, व्यवसायिक अध्ययन संस्थान, महात्मा गांधी मेडिकल काँलेज, इन्डियन इंस्टीट्यूट ओफ मैनेजमेंट, चोइथराम हस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, एटोमिक सेंटर फोर एड्वान्स टेक्नोलोजी आदि |
*TOURISM=
पर्यटन की दृष्टि से इन्दौर बहुत संपन्न है, यहाँ की कुछ प्रमुख जगहे-:
लालबाग महल, राजबाडा महल, खजराना के गणपति, बीजासन माता, छत्रीबाग, अन्नपूर्णा मंदिर, कांच मंदिर, देवगुराडिया मंदिर, टाउन हाँल, बडे गणपति, गोपाल मंदिर, चिडियाघर, केंद्रीय संग्रहालय है जबकि शहर के बाहर तिंचा फाँल (15km), राष्ट्रीय अभ्यारन्य (6km), पातालपानी झरना (35km) है |
Travel=
Bus-:
भोपाल, उज्जैन, देवास और खंडवा से रोज  अटल सिटी ट्रान्सपोर्ट बस सेवा है |
Rail-:
रतलाम रेलवे मंडल के अन्तर्गत इन्दौर जंक्शन है जहाँ से दिल्ली, अम्रतसर, देहरादून, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर के लिये नियमित रेलसेवा है |
Airoplan-:
देवी अहिल्याबाई अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे से दिल्ली, मुंबई, नागपुर, रायपुर, अहमदाबाद, हैदराबाद, भोपाल, ग्वालियर  आदि शहरो के लिये वायुसेवा उपलब्ध है |
 
Weather-:
अप्रैल और मई माह मे तेज गर्मी पडती है, जबकि जुलाई से सितम्बर तक बरसात होती है |
Mall-:
सेंट्रल माँल, C-21, मल्हार, ट्रेजर आईलेन्ड, मंगलसिटी आदि
Sport-;
होल्कर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, जवाहरलाल नेहरु स्टेडियम, नेशनल बास्केटबाल एकैडमी, अभय खेल प्रशाल,
Food-:
दाल बाफले, इन्दौरी नमकीन और पोहा

interested

Mandu मांडू

मांडू का पुराना नाम मांडव है, जो मध्यप्रदेश के धार जिले मे स्थित एक प्राचीन गाँव है| मांडू मालवा के पठार पर स्थित है जिसकी समुद्रतल से ऊँचाई करीब 2 हजार फीट है| मान्डव के दक्षिण दिशा मे निमाड क्षेत्र का विस्तार है| बुंदेलखंड के वीर योद्धा आल्हा ऊदल ने इसी जगह आकर युद्ध किया था, जिसे इतिहास मे माड़ौगढ की लड़ाई के नाम से जाना जाता है| 10वी सदी मे परमार वंश के शासको ने सर्वप्रथम मांडू को अपनी राजधानी बनाया था | परमार वंश के प्रतापी राजा जयवर्मन और भोजराज हुए, नीलकंठ महादेव मंदिर उसी काल का बना है | जिनमे राजा भोजराज ने मांडू से दूर अन्य जगह झीलो के किनारे अपनी नई राजधानी बनाई, जिसका बाद मे नाम भोपाल पडा |    13वी सदी मे मांडू पर मुगलो ने कब्जा कर लिया था | ग्यासुद्दीन और बाजबहादुर के काल मे यहाँ अनेक महल और किले बनवाये गये इसलिये मांडू को किलो की नगरी कहते है| बाद मे मांडव इन्दौर की मराठा रियासत के अधिपत्य मे आ गया था | दिल्ली दरवाजा, जहाँगीर दरवाजा, तारापुर दरवाजा इस नगर के प्रमुख प्रवेश द्वार है     मांडू एक छोटा सा, कम आबादी वाला विस्त्रत क्षेत्रफल मे ...

भिन्ड (Bhind)

उत्तरी मध्यप्रदेश मे राजस्थान और उ.प्र. राज्य की सीमाओ को छूता हुआ भिन्ड जिला है, जो कि चम्बल सम्भाग के अन्तर्गत मुरेना, दतिया, ग्वालियर, जालौन, इटावा आदि जिलो का पडोसी जिला है|    भिन्ड जिला कभी दस्यू प्रभावित इलाका था, यहाँ के बीहडो मे डाकूओ का पनाह होता था| आज भी भिन्ड मे बंदूक चलाने वालो के शौक मे कमी नही हुई, आज भी यहाँ संख्या मे भारत की सबसे ज्यादा लायसेंसी बंदूके है| यहाँ की युवा पीढी अब सेना मे जाकर बीहडो की बजाय सरहदो पर दुशमनो के होश उडाती है|    भौगोलिक नजर से यहाँ कि ज्यादातर भूमि समतल और उपजाऊ है, चम्बल और सिन्ध यहाँ की प्रमुख नदिया है| खेती प्रधान जिला होने के साथ साथ भिन्ड औधोगिक और पर्यटन की द्रश्टि से भी बहुत खास है|    मालनपुर यहाँ का इंडस्ट्रियल क्षेत्र है, जहाँ पर कई अन्तराष्ट्रीय स्तर के कारखाने स्थापित है, जो उत्पादन और रोजगार के नजरिये से बहुत मायने रखते है|    प्रशासनिक रूप से जिले को 8 तेहसीलो मे विभक्त किया गया है-: भिन्ड, लहार, गोहद, मेहगाँव, मिहोना, रौन, अटेर और गोरमी है| तथा जिले के अन्य कस्बो मे मौ, दबोह, अमायन,...

Handia - Nemawar

हंडिया और नेमावर कस्बे नर्मदा नदी के तट पर आमने सामने दो अलग अलग ज़िलो में बसे हुए है, जो नदी पर बने एक पुल द्वारा जुडे है| यह स्थान इन्दौर रोड पर हरदा से 20km की दूरी पर है| हँडिया कस्बा हरदा जिले में जबकि नेमावर कस्बा देवास जिले में पड़ता है| * Handia -     मुगलकाल मे हन्डिया एक प्रमुख व्यापारिक स्थान था, बाद मे ये सिन्धिया रियासत का हिस्सा रहा| अकबर के नौरत्नो मे एक बजीर मुल्ला दो प्याजा की मजार यही है| हंडिया से 2km दूर 3 ऊंचे टीले पर प्राचीन मनमोहक तेली की सराय बनी है, जो अब खंडहर सी हो चुकी है| हंडिया मे नर्मदा किनारे प्राचीन रिद्धनाथ महादेव जी का मंदिर निर्मित है|   * Nemawar > नेमावर मे नदी किनारे एक छोटी पहाडी पर बहुत प्राचीन सिद्धनाथ महादेव जी का भव्य, अलौकिक विशाल मंदिर बना हुआ है| मान्यता है कि इस सिद्धनाथ मंदिर का निर्माण महाभारत कालीन है| नेमावर कस्बा नर्मदा जी का नाभि स्थान कहलाता है क्योंकि यह जगह नर्मदा नदी का मध्य स्थान है| नेमावर एक धार्मिक और शान्त मनमोहक नगर है| यह नगर जैन सिद्ध क्षेत्र भी है क्योंकि यहाँ कई प्राचीन कालीन जै...