पांच नदियों का संगम स्थान - "पचनदा"
यमुना में चम्बल, सिन्ध, क्वारी और पहुज मिलने को ही पचनदा कहते है। इन नदियों के तट पर अनेक मंदिर बने हुए हैं।
यह स्थान चार जिलों इटावा, औरेया, जालौन और भिंड की सीमाओं के निकट का क्षेत्र है। यह क्षेत्र डाल्फिन मछली के प्रजनन का प्रमुख स्थल भी है। इस पवित्र, धार्मिक, पौराणिक संगम क्षेत्र को पंचनदा या पंचनद भी कहा जाता है।
डाकुओं के प्रभाव के चलते और आजादी के बाद से पांच नदियों के एक मात्र पवित्र संगम स्थल पचनदा को विकसित करने की दिशा में किसी भी राजनैतिक दल ने हिम्मत नहीं दिखाई। यदि पचनदा विकसित पर्यटन केंद्र बन जाएगा तो यहां पर देश दुनिया के तमाम पर्यटक और श्रद्धालु इस स्थल को निहारने जरूर आयेंगे। केंद्र और उत्तरप्रदेश सरकार को इस परिक्षेत्र के लिए विशेष आर्थिक पैकेज देना चाहिए ताकि चंबल में ऊंचे-ऊंचे मिट्टी के टीलों को काट कर उनका समतलीकरण हो और नदियों पर छोटे चेकडैम बन सके।