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पन्ना Panna

मध्यप्रदेश राज्य मे सागर सम्भाग के अन्तर्गत पन्ना जिला आता है | इसके पड़ोसी जिलो मे सतना, कटनी, दमोह, छतरपुर और बाँदा है | पन्ना जिला हीरो की खदानो और पन्ना टाइगर रिजर्व के बजह से दुनियाभर मे विख्यात है | पन्ना जिले की प्रमुख नदी केन है, जो मगर और घडियालो का जलीय आवास है | पन्ना जिले मे 8 तेहसीले - पन्ना, पवई, अजयगढ, अमनगंज, देवेंद्रनगर, शाहनगर, गुन्नोर और राजपुरा है | पन्ना शहर डायमंड सिटी के नाम से जाना जाता है | इसका प्राचीन नाम पद्मा और पर्णा था | विन्ध्य क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले पन्ना को 16 वी सदी मे वुन्देला वंश के राजा छत्रसाल ने इसे अपनी राजधानी बनाया था | प्राक्रतिक रूप से सम्रद्ध पन्ना जिले मे पहाड़, वन, नदी, तालाब और अनेक खदाने है | पन्ना जिले मे चावल, गेंहू, ज्वार और तिलहन की पैदावार बहुता से होती है | जबकि क्रषि उत्पाद, वन्य उत्पाद और बुनाई केंद्र इस जिले के व्यापार को सम्रद्ध करते है | पन्ना जिला पेयजल व्यवस्था के लिये प्राचीन काल से ही एक नजीर रहा है, यहाँ अनेको बडे तालाब जैसे धरम सागर, बैनीसागर, लोकपाल ताल, जोधपुर तालाब आदि इसका उदाहरण है | शिक्षा के लिये जिले मे ...

Datiya दतिया

दतिया जिला मध्यप्रदेश के ग्वालियर सम्भाग मे उत्तरप्रदेश की सीमा से लगा हुआ है | दतिया जिले की पडोसी सीमा मे भिंड, ग्वालियर, शिवपुरी, झाँसी और जालौन जिले लगते है| सिन्ध और पहु...

indore (इन्दौर)

जनसंख्या की नजर से इन्दौर शहर मध्यप्रदेश राज्य का सबसे बडा शहर होने के साथ साथ प्रदेश की आर्थिक राजधानी भी है | यह मिनी बोम्बे के नाम से भी देशभर मे मशहूर है | मालवा के पठार मे स्थित इन्दौर क्रषि और शिक्षण के क्षेत्र मे काफी सम्रद्ध है | इन्दौर जिसका प्राचीन नाम इंद्रपुर था, यहाँ 17वी सदी से मराठा साम्राज्य का अधिपत्य रहा, जिनके शासको मे बाजीराव पेशवा, मल्हारराव होल्कर, यशवन्तराव होल्कर और अहिल्याबाई का नाम प्रमुख है | स्वतंत्र भारत मे इन्दौर मध्यभारत की संयुक्त राजधानी भी रही |    इन्दौर मे प्रदेश की सबसे बडी व्यापारिक मंडिया है | इन्दौर जिले मे सोयाबीन, मूँगफली, गेंहू आदि फसलो की अधिकता से उपज होती है | यहाँ आईटी पार्क स्थापित किया गया है जहाँ कई अंतर्राष्ट्रीय कंपनी जैसे इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी ने अपने विकास केंद्र स्थापित किये है | मध्यप्रदेश का स्टोक एक्सचेंज भी यही है, मालवा मध्यप्रदेश का सबसे बडा औधोगिक क्षेत्र है, इन्दौर के निकट पीथमपुर मे अनेको अंतर्राष्ट्रीय स्तर के छोटे बडे कारखाने स्थापित है | Institute-: इन्दौर मे कई बडे राष्ट्रीय स्तर के शैक्षनिक संस्थान ...

Mata Ratangad Mandir ( रतनगढ माता धाम )

दतिया जिले की सेवढा तेहसील मे जंगलो के बीच सिन्ध नदी किनारे एक पहाढी पर माता रतनगढ वाली और कुँवर बाबा का परस्पर आमने सामने मंदिर है| जो रिस्ते मे भाई बहिन है| इस स्थान पर दुनिया का सबसे बडा घंटा लगा हुआ है, जिसका बजन 2 टन है| रतनगढ़ का माता शक्तिपीठ देशभर मे प्रसिद्ध है जहाँ सर्पदंश से पीड़ित लोग अपना बँध तुड़वाने के लिये दूर-दूर से आते है|     चुकि बँध एक अस्थाई निशान है जो सर्प के काटने पर व्यक्ति तुरंत बिष वाले स्थान के चारो तरफ उँगली फेरकर मिट्टी या भभूति से बना लेता है| बाद मे कभी भी दिवाली वाली भाई दूज पर सर्पदन्श से पीडित उक्त व्यक्ति को बँध तुड़वाने के लिये रतनगड़ धाम पर कुँवर बाबा और माता के दरबार मे आना होता है| कार्तिक माह की भाई दूज और नवरात्री पर तो यहाँ भक्तो की भारी भीड़ होती है, माता के मंदिर मे जवारे चढाने के लिये भक्तो का जनसैलाब उमड़ता है|     यहाँ आकर साक्षात शक्ति के दर्शन हो जाते है, भाई दूज पर सर्पदन्श से पीडित इंसान या जानवर दूर से ही मंदिर को देखकर मूर्क्षित हो जाते है| फिर उस व्यक्ति को कुछ आदमी स्ट्रेचर या कंधो पर उठाकर सीढियो ...

बुरहानपुर ( Burhanpur )

मध्यप्रदेश के दक्षिण पश्चिम मे महाराष्ट्र राज्य की सीमा से लगा हुआ निमाड़ क्षेत्र का मुगलकालीन नगर बुरहानपुर अब जिला मुख्यालय है जो दक्षिण और उत्तर भारत के बीच पुराना व...

Morena मुरैना

म.प्र. के उत्तर मे ग्वालियर से 30 Km दूर राजस्थान की सीमा से सटा हुआ मुरैना जिला है | इसके पडोसी जिले भिन्ड, श्योपुर, ग्वालियर, धौलपुर है | चम्बल सम्भाग का मुख्यालय मुरैना जिला तेल और गजक उधोग के लिये विश्वप्रसिद्ध है | बानमोर यहाँ का प्रमुख औधोगिक कस्बा है | चम्बल, सांक, आसन और कुंवारी नदियो के किनारे बीहड़ का क्षेत्र है, जो बागियो का गढ कहलाता था | महान क्रांतिकारी रामप्रसाद बिस्मिल की जन्मभूमि मुरैना मे गेंहू, सरसो, चना की पैदावार अधिकता से है | https://m.facebook.com/ग्वालियर-शहर-1674209349477552/?ref=bookmarks Tourism-: 1. राष्ट्रीय चम्बल अभ्यारन्य= चम्बल नदी के किनारे फैले इस क्षेत्र मे घडियाल, मगर, कछुए, डाल्फिन और ऊदविलाव जैसी अनेको जलीय प्रजातिया पाई जाती है | देवरी के पास वोटिंग का मजा ले और नवम्बर से मार्च तक प्रवासी पक्षी देखने को मिल जाते है | 2. ककनमठ= 11वी सदी का कीर्तिराज कछवाह द्वारा निर्मित 35 मी. ऊंचा प्राचीन महादेव मंदिर है | 3. जैनमंदिर= शांतिनाथ, आरहनाथ, पाशर्वनाथ, कुन्थनाथ और आदिनाथ भगवान के प्राचीन मंदिर और मूर्ति समूह सिहोनिया मे बने है | 4. बटेश्...

चित्रकूट (Chitrakoot)

चित्रकूट मध्यप्रदेश के सतना जिले मे उत्त्तरप्रदेश की सीमा के पास स्थित है | चित्रकूट मंदाकिनी नदी किनारे, विन्ध्य पर्वत श्रंखला पर स्थित एक धार्मिक और रामायण कालीन एतिह...